वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें बने हुए हैं एक चैलेंज
नई दिल्ली। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है
 दरअसल, निर्मला सीतारमण ने रविवार को न्यूयॉर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि देश के अंदर तेल की बढ़ती कीमतें इस समय मेरे लिए एक चुनौती बनी हुई हैं हालांकि, मेरा मंत्रालय और मेरी टीम इस पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि तेल की कीमतें काफी ऊंचाई पर जा रही हैं, यह अनिश्चितता उनके लिए बहुत बड़ी बात है, जिसका अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता है

अभी वापस नहीं लेंगे आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज- सीतारमण
वित्त मंत्री ने आगे कहा है कि कोरोना महामारी से भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान को वापस लाने का काम तेजी से चल रहा है और इसीलिए हमें अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए दी गई प्रोत्साहन राशि को वापस लेने की कोई जल्दी नहीं है वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश विकास की राह पर चलता रहे और आर्थिक सुधार होते रहें।

विकास दर 9.5 फीसदी रहने की उम्मीद- वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि COVID-19 के प्रकोप से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उसके बाद भी "स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर जारी रहेगा," और इसलिए पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि आरबीआई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को उम्मीद है कि भारत चालू वित्त वर्ष में 9.5 फीसदी की दर से विकास करेगा, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतें और कोयले की कमी एक बड़ी बाधा साबित हो सकती है।
इस साक्षात्कार में, निर्मला सीतारमण ने जलवायु और महामारी संरक्षण के लिए वित्त और प्रौद्योगिकी समाधानों के समान वितरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रित तरीके से फंड जुटाने की जरूरत है

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