शीतला सप्तमी का व्रत 30 जुलाई को

इंदौर।
सावन मास की सप्तमी को शीतला माता की पूजा की जाती है। मां शीतला को मां दुर्गा का अवतार माना जाता है। माँ का यह रूप बहुत ही प्यारा और मोहक होता है। कहा जाता है सावन सप्तमी के दिन शीतला मां की विशेष पूजा करने से व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता है। इस बार यह पर्व 30 जुलाई को है संयोग से यह दिन शुक्रवार है जिसे देवी लक्ष्मी का दिन कहा जाता है। मां लक्ष्मी भी दुर्गा का ही एक रूप है इसलिए इस बार शीतला सप्तमी का व्रत बहुत ही प्रभावकारी है।  आपको बता दें कि शीतला माता को बासी भोजन कराया जाता है।
आपको बता दें कि स्कंद पुराण में माता शीतला को रोगों से रक्षा की देवी बताया गया है। मान्यता है कि माता शीतला अपने हाथों में फूलदान, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते लेकर गधे की सवारी करती हैं।

पूजा विधि
  • साफ कपड़े धोकर पहनें।
  • शीतला सप्तमी व्रत के दिन घरों में ताजा खाना नहीं बनता है। 
  • भक्त इस दिन केवल एक दिन पहले बना भोजन ही खाते हैं और माता शीतला को अर्पित करते हैं।
  • शीतला सप्तमी पर लोग गुड़ और चावल से बने पकवान का भोग लगाते हैं।
  • पूजा के बाद गुड़ और चावल का पकवान बांटें।
इन मंत्रों की पूजा करने से रोग समाप्त हो जाएगा
'वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बरराम्‌, मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्‌।

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