जन्माष्टमी पर वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में भगदड़, दो श्रद्धालुओं की मौत, चश्मदीदों ने बताया रात में क्या हुआ
वर्षों से बांके बिहारी की मंगला आरती देखने की इच्छा भक्तों को मंदिर तक ले आई। लेकिन, भक्तों को पता भी नहीं था कि वे आराध्या बांके बिहारी के दरबार में खड़े हैं, अगले पल उन्हें किस दुर्घटना का सामना करना पड़ेगा, इसका अंदाजा नहीं था। भीड़ का दबाव था और उमस में घुटन का अहसास हुआ कि अचानक एक भीड़ आ गई जो निकास द्वार की ओर बढ़ रही थी। इस हंगामे में आधा दर्जन लोग जमीन पर गिर पड़े और अन्य भक्तों ने उन्हें रौंद दिया और बाहर निकलने की ओर बढ़ते गए
 बीस मिनट की इस स्थिति में दो लोगों की मौत हो गई और करीब आधा दर्जन घायल हो गए और अन्य घायल हो गए
श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी को देख मंदिर में मौजूद एसएसपी पुलिस बल के साथ प्रांगण में पहुंचे और जमीन पर गिरे श्रद्धालुओं को उठाने का प्रयास कर रहे थे रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में इलाज करा रही देहरादून के राजपुर जौहरी निवासी 30 वर्षीय शीतल सेन ने बताया कि वह पहली बार मंगला आरती में पहुंची थीं भीड़ के बीच जैसे ही मंगला आरती शुरू हुई और कुछ लोग गेट नंबर एक की तरफ भागने लगे
वह इस भगदड़ में इस कदर फंस गईं कि उनके पैर जमीन पर नहीं थे। वह गेट पर कैसे पहुंची, पता ही नहीं चला और चौखट पर फंसकर जमीन पर गिर गई। उन्होंने बताया कि करीब बीस मिनट तक लोग उनके ऊपर से गुजरते रहे। भीड़ के बीच एक शख्स ने उसका हाथ पकड़ लिया और कुछ लोगों की मदद से उसे मंदिर के बाहर एक दुकान में डाल दिया
 पुलिसकर्मी उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले गए।
अस्पताल में भर्ती कोलकाता की रीना दासी की हालत नाजुक, दूसरी तस्वीर में सरोज अपने पति को खाना दे रही हैं

सरोज अपने पति को हमेशा के लिए खा बैठी
इस हादसे में सरोज के पति 62 वर्षीय रुक्मिणी विहार निवासी रामप्रकाश विश्वकर्मा की मौत हो गई है सरोज ने कहा, भीड़ के दबाव में वह जमीन पर गिर गई, उसका पति उसके साथ था वह भी भीड़ में खो गया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे उठाया और अस्पताल ले गए। इस अस्पताल में हादसे में घायल कोलकाता निवासी रीना दासी का इलाज चल रहा है हालत नाजुक बनी हुई है, ऑक्सीजन दी जा रही है। वह अपने साथियों के साथ दर्शन के लिए गई थी। लेकिन सभी दोस्त अलग हो गए। बड़ी इन दिनों वृंदावन के पत्थरपुरा स्थित सूरमा कुंज में रह रही थी।

भीड़ में दबे आधा दर्जन से ज्यादा लोग
जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती 26 वर्षीय अनीता के पति नेत्रपाल ने बताया कि मंगला आरती शुरू हो चुकी थी, अचानक एक ट्रेन बाहर निकलने की ओर दौड़ी इस दौरान भगदड़ में आधा दर्जन से ज्यादा लोग जमीन पर गिर गए। लोग उनके ऊपर से गुजरते रहे। यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा। पुलिस जब आंगन में पहुंची तो जमीन पर गिरे लोगों को बड़ी मुश्किल से उठाकर अस्पताल भेजा गया

ये लोग भी हुए घायल
हादसे में कानपुर के सूरज नगर निवासी 57 वर्षीय घनश्याम, दिल्ली के उत्तमनगर के मोहन गार्डन निवासी राजेंद्र, कोसीकलां बैठान निवासी 61 वर्षीय राजेंद्र भी घायल हो गए प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें अपने साथ ले गए।

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