विधानसभा चुनाव 2023: शाम 5 बजे तक 71.11% मतदान, आगर-मालवा में सबसे अधिक, अलीराजपुर में सबसे कम
इंदौर
 मध्य प्रदेश में शुक्रवार को सभी 230 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होने के बाद, राज्य में चुनावी हंगामा शुरू हो गया है। शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल मतदान का प्रतिशत 71.16 है। इसके साथ ही राज्य के चुनाव मैदान में उतरे सभी 2534 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। अब 3 दिसंबर को पता चलेगा कि जनता ने किसे चुना।

राज्य में कैसा रहा मतदान?
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म हो गया है, और आंकड़ों के अनुसार शाम 5 बजे तक 71.16% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। सुबह 11 बजे तक राज्य में 27.62% वोटिंग हुई थी, जो दिनभर बढ़कर शाम तक 71.16% तक पहुंच गई।
किन जिलों में सबसे ज्यादा और कहां कम मतदान हुआ?
मध्यप्रदेश में सबसे अधिक मतदान आगर मालवा में हुआ, जहां 82% लोगों ने अपना वोट डाला। सबसे कम मतदान अलीराजपुर में हुआ, जहां वोटिंग का प्रतिशत 56.24 था। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, और उज्जैन जिलों में भी विशेष रूप से उच्च मतदान हुआ।

ज्यादा महिला मतदाताओं वाले जिलों में क्या हुआ?
प्रदेश में 52 जिलों में से सात ऐसे हैं जहां पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। इसमें डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, बड़वानी, रतलाम, अलीराजपुर, और झाबुआ शामिल हैं। इन जिलों में महिला मतदाताएं अधिक मात्रा में हैं, जिससे सामाजिक रूप से भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।

छात्रों की भागीदारी, क्या हैं आंकड़े?
छात्रों ने भी इस चुनाव में भागीदारी दिखाई है, और उनकी भागीदारी में वृद्धि हो रही है। छात्रों की भागीदारी में वृद्धि के साथ ही इस बार कुल 92 लाख से ज्यादा छात्रों ने वोट डाला है।

इंदौर: प्रति दो घंटे में विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार मतदान प्रतिशत
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की भिड़ंत
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के बीच भी तेज हो रहा है मुकाबला। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा से चुनाव लड़ा है, जबकि कांग्रेस के प्रमुख उम्मीदवार कमलनाथ भी उसी सीट से मैदान में हैं।

चुनावी नतीजों की घोषणा
मतगणना के बाद, राज्य में चुनावी नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले, उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टियां अपनी कुराशें और उम्मीदें साझा करेंगी, जब वे अपने चुनावी प्रचार में जुटे हैं।
चुनावी महौल में हलचल बढ़ती जा रही है और लोग उम्मीदवारों और पार्टियों की चर्चा में व्यस्त हैं। चुनाव परिणामों के बाद, राज्य की राजनीति में नई कहानी शुरू होगी।

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