अब आप इंदौर जू में देख सकेंगे उड़ने वाली गिलहरी और अनाकोंडा भी
इंदौर।
अलग-अलग देशों में पाए जाने वाले जानवरों और उनकी प्रजातियों के के आ जाने से एक बार फिर इंदौर का कमला नेहरू जू आकर्षण का केंद्र बन गया है। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत एनाकोंडा के जोड़े सहित 15 प्रजातियों के 42 जानवर कमला नेहरू वन्यजीव संग्रहालय इंदौर पहुंचे हैं।

जानवरों को गुजरात के जामनगर में ग्रीन जूलॉजिकल गार्डन से लाया गया हैं। ऐनिमल एक्सचेंज के तहत एनाकोंडा केवल 6-8 का है और 4 फीट लंबा है। भविष्य में इसकी लंबाई 25 फीट तक हो जाएगी। एनिमल एक्सचेंज के तहत सभी वन्य प्राणी में से सबसे बड़ा आकर्षण ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली उड़ने वाली गिलहरी है। इसके अलावा यहां एक गलगो बंदर भी है जो कंगारू की तरह दिखता है। 

21 दिन का क्वॉरंटाइन पीरियड
जू कीपर और अधिकारी डॉ. उत्तम यादव का कहना है कि एनिमल एक्सचेंज के तहत लाए गए जानवरों को 21 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया 
है। इसके बाद इन्हें जनता के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। इन पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण जारी है।

जानवरों और पक्षियों की 20 प्रजातियां
बता दें कि चिड़ियाघर में लाए गए जानवर अलग-अलग देशों में पाए जाते हैं, जैसे रोजऐला (ऑस्ट्रेलिया), ग्रीनकिंग मकाउ (दक्षिण अमेरिका), ब्लैक पाइथन (अफ्रीका), गलगो बंदर प्रजाति (दक्षिण अफ्रीका), मानोसेट पैकेट बंदर (अमेरिका), मुलकन काकाटु ( इंडोनेशिया), लारी चिड़िया (ऑस्ट्रेलिया), कानपुर चिड़िया (अमेरिका) जैसे कुल 20 जानवर और पक्षी शामिल हैं। 

दर्शकों को इंतजार
जानवरों की इतनी सारी अलग-अलग प्रजातियों के एक साथ इकट्ठा होने से कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में गुलजार हो गया है। लोगों को ये भी उम्मीद है कि जैसे ही ये जानवर क्वारंटाइन से बाहर होंगे, लोग इन्हें भी देख सकेंगे इन एनिमल्स के क्वॉरंटाइन से बाहर आते ही जल्द ही सभी लोग भी इन्हें आसानी से देख सकेंगे

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